पबजी के खिलाफ मुंबई के जुड़वा भाईयों की मुहिम
मुंबई के साइन कोलीवाड़ा में दो जुड़वा भाईयों ने पबजी गेम के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है। पिछले 12 सालों से हर साल होली पर कोई ना कोई सामाजिक संदेश देने वाले ये दोनों भाईयों का नाम अमर विट्ठल और आशीष विट्ठल है। इस साल भाईयों की इस जोड़ी ने लोगों से पबजी ना खेलने की अपील की है। दोनों ने एक मोबाइल का डमी बनाया जिस पर पबजी का स्टिकर लगाके सड़क किनारे खड़ा कर दिया। उनका कहना है होलिका दहन पर इस डमी मोबाइल को जलाया जाएगा। जिस तरह से होली का दहन समाज में बुराई पर अच्छाई की जीत है उसी तरह समाज से पबजी को हटाना जरूरी है।
आशीष विट्ठल का कहना है- ‘PUBG को पूरी तरह से बैन कर देना चाहिए। माता-पिता शिकायत करते हैं कि उनके बच्चे पूरे दिन पबजी खेलत रहते हैं। अभिभावक हमारे इस काम की सराहना कर रहे हैं’। इस विषय पर आशीष विट्ठल ने भी अपनी राय रखी। उनका कहना है- ‘पबजी खेलने से बच्चे हिंसात्मक हो रहे हैं और अपनी पर पढ़ाई ध्यान नहीं लगा पा रहे हैं’।
आज पूरे विश्व में PUBG सबसे ज्यादा खेले जाने वाला गेम है जिसका मोबाइल वर्जन ज्यादा लोकप्रिय है।
कुछ दिन पहले गुजरात के राजकोट में 10 छात्रों को पबजी खेलते हुए सार्वजनिक स्थलों से गिरफ्तार किया गया। कुछ देर बाद उन्हें बेल पर छोड़ते हुए माता-पिता के हवाले कर दिया गया। गुजरात सरकार जनवरी में पबजी के खिलाफ निर्देश जारी कर चुकी है, जिसके तहत ये कार्रवाई की गई।
आपको बता की पिछले साल ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गेम खेलने की लत को मानसिक रोग की श्रेणी में शामिल किया है, जिसे ‘गेमिंग डिसऑर्डर’ नाम दिया गया है। ऑनलाइन गेमिंग की दुनिया में इस समय PUBG सबसे ज्यादा लोकप्रिय बना हुआ है।
PUBG चीन में 9 फरवरी 2018 को और पूरे विश्व में 18 मार्च 2018 को लॉन्च किया गया था। करीब 20 करोड़ से ज्यादा लोग इस गेम को अभी तक डाउनलोड कर चुके हैं। इससे अंदाजा लगाना आसान है कि दुनिया की कितनी बड़ी आबादी इस गेम की दिवानी हो चुकी है। भारत में इस गेम को खेलने वालों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है।
फिलहाल सरकार के साथ-साथ माता-पिता को भी इस लत के खिलाफ कुछ ठोस कदम लेने होंगे।

